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कुलपति को पावर दे या भेजे छुटी पर छात्र हित का कार्य हो रहा है प्रभावित – RSA

रिपोर्टर शिवम कुमार

आज दिनांक 24 जून 2021 को आर एस ए के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक स्थानीय कार्यालय में हुई। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते छात्र नेताओं ने कहा कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर फारूक अली के कार्यकाल में शैक्षणिक भ्रष्टाचार चरम पर है ।71 करोड़ से अधिक के वित्तीय लेनदेन को लेकर कुलपति के वित्तीय निर्णय एवं नीतिगत निर्णय पर रोक है ।जिसके कारण विश्वविद्यालय में कोई छात्र हित का कार्य नहीं हो रहा है। हम लोग मांग करते हैं कि जब तक जांच नहीं हो जाता वित्तीय लेनदेन को लेकर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति की तरह जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति को भी लंबी छुट्टी पर भेज दिया जाए एवं किसी अन्य को कुलपति का प्रभार दिया जाए। क्योंकि छात्र हित में कार्य प्रारंभ हो सके। पैट ,स्नातक ,स्नातकोत्तर एमबीए, बी टेक , समेत अन्य का परीक्षा का आयोजन नहीं हो पा रहा है। वैसे ही सत्र पहले से ही विलंब चल रहा है । शोध कार्य पूर्णत: ठप हो गया है । पीजीआरसी की बैठेक नही हो रहा है , स्नातकोत्तर विभाग सेमिनार, सिम्पोजियम, का आयोजन नही करा पा रहे जिसके चलते दो वर्ष से थेसिस जमा नहीं कर पा रहे हैं शोधार्थीगण। क्योंकि कम से कम सेमिनार सिंपोजियम में दो पेपर प्रेजेंटेशन करना रहता है ।सेमिनार सिंपोजियम का आयोजन नहीं होने के कारण नहीं हो पा रहा है । कुलपति के कमजोर होने के कारण जिला प्रशासन ने ट्रकों का पार्किंग स्थान बना दिया है ।कोई भी संस्था लूज पूज वाले व्यक्ति के हाथों में होगा तो यही हाल होगा । धीरे-धीरे विश्वविद्यालय के जमीन पर अवैध कब्जा हो रहे हैं। कुलपति का कोई भी पदाधिकारी विभागाध्यक्ष ,प्रिंसिपल बात नहीं मानता है संस्था हनक एवं प्रताप से चलता है लेकिन कुलपति के आए हुए 3 माह से अधिक भी नहीं हुए थे ।तब तक कि इनके वित्तीय पावर एवं नीतिगत निर्णय पर राजभवन के द्वारा रोक लगा दिया जबकि ऐसा देखा गया है कि कुलपति के अंतिम 3 सालों में 3 महीने पहले वित्तीय पावर पर रोक लगते हैं, लेकिन जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति के आते ही इनके वित्तीय पावर एवं नीतिगत निर्णय पर रोक लग चुका है। ऐसी स्थिति में तो कुलपति को नैतिकता के आधार पर ही इस्तीफा दे देना चाहिए था लेकिन नैतिकता शब्द ही इनके डिक्शनरी में नहीं है ।ऐसे में राजभवन को छात्र हित में तुरन्त फैसला लेना चाहिए । राजभवन ने ऐसा कर दिया है कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति का हाल जब से पावर सीज हुआ है। आयोदीन कुलपति विश्वविद्यालय कैंपस में घास उखाड़ते हुए दिखाई पड़ते हैं । कुलपति की बहाली शैक्षणिक व्यवस्था कायम करने के लिए हुआ है न कि घास उखाड़ने के लिए। जल्द से जल्द कमेटी से जांच करा कर जो भी दोषी है उसको करवाई करें या कुलपति को छुट्टी पर भेज दे या इन को बर्खास्त कर नए कुलपति की बहाल की जाए ।यहां के गरीब छात्र-छात्राओं का आखिर क्या दोष है ?अन्यथा संगठन प्रवेश, पढ़ाई ,परीक्षा एवं परिणाम को ठीक करने के लिए बड़ा आंदोलन करेगा। मीडिया से बात वार्ता करने वालों में प्रमुख रूप से विवेक कुमार विजय, संयोजक प्रमेन्द्र सिंह कुशवाहा, छात्र संघ सचिव पूनम कुमारी, कॉउंसिल मेंबर अर्पित राज गोलू आदि उपस्थित थे।

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